नई दिल्ली, मार्च 25 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशेाधन) विधेयक 2025 पर चर्चा में विपक्षी सदस्यों ने कहा कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता कानून कंपनियों और बैंक के धन के लूट का माध्यम बन गया है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने 52 बड़े-बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए हैं, लेकिन किसानों का मुट्ठी भर कर्ज माफ नहीं किया है। भाजपा के अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार में सरकारी बैंक मुनाफे में आए, वित्तीय घाटा घटा और निवेश बढ़ा है। लोकसभा में बुधवार को दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशेाधन) विधेयक 2025 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस की धनोरकर प्रतिभा सुरेश ने कहा कि कंपनियों को क्षमता से ज्यादा कर्ज देने से वे दिवालिया हो जाती हैं तथा बाद में औने-पौने दामों में दूसरी कंपनियों के मालिक...