बैंकों की वसूली नहीं रोक सकते अधिकारी, डीसी व सीजेएम को निर्देश जारी
रांची, जुलाई 15 -- रांची, विशेष संवाददाता। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे कर्ज की वसूली में प्रशासनिक देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि सरफेसी एक्ट के तहत जिला दंडाधिकारी (डीसी) और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) का काम केवल बैंकों को गिरवी संपत्ति का कब्जा दिलाने में प्रशासनिक सहायता देना है, न कि संपत्ति के स्वामित्व या हस्तांतरण की वैधता की जांच करना। कोर्ट ने चेतावनी दी कि इस स्तर पर अनावश्यक देरी कानून के उद्देश्य को विफल करती है और डिफॉल्टरों को अनुचित लाभ पहुंचाती है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने झारखंड ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक और अन्य संस्थानों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। यह भी पढ़ें- याचिका लंबित रहने के बावजूद वाहन नीलामी...
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