नई दिल्ली, जुलाई 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गुरुवार को कहा कि अगर मकान मालिक की लिखित सहमति प्राप्त नहीं की गई हो तो फिर किसी किराएदार बैंक का दूसरे बैंक में विलय होने से उसे दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत बेदखली से छूट नहीं मिलती। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति के. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को कनॉट सर्कस में किराए के परिसर का कब्जा 31 जनवरी, 2027 तक शांतिपूर्ण तरीके से खाली करते हुए उसके मालिक ब्रिटिश मोटर कार कंपनी लिमिटेड को सौंपने का निर्देश दिया। इस फैसले के साथ ही करीब चार दशक पुराने विवाद का अदालत ने निपटारा किया। अदालत ने ब्रिटिश मोटर कार कंपनी की बेदखली याचिका को स्वीकार किया। कंपनी ने 1987 में स्थानीय अदालत का रुख किया था। जस्टिस करोल ने निर्णय में कहा कि भले ही विलय अनैच्छ...