लखनऊ, अगस्त 31 -- लखनऊ, संवाददाता। प्रॉपर्टी डीलर धीरेंद्र प्रताप सिंह की अपहरण के बाद हत्या के मामले में पुलिस की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चालक रवि ने धीरेंद्र को कार में रूमाल में नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया था। उसके बाद धीरेंद्र को गोलियां मारी गई थीं। साथ ही पुलिस को उलझाने के लिए धीरेंद्र का एक मोबाइल चलती ट्रेन में फेंक दिया गया था। इससे लोकेशन बदलती रही और पुलिस भी बेहाल रही। चलती ट्रेन में मोबाइल पड़ा होने से पुलिस को धीरेंद्र की लोकेशन हैदरगढ़, अमेठी और फिर करीब 350 किमी. दूर चंदौली में आखिरी लोकेशन मिली। चालक ने धीरेंद्र के मोबाइल से उनकी पत्नी को मैसेज भी खुद ही किया था, जिसमें धीरेंद्र की ओर से लिखा था कि मैं जा रहा हूं। यह भी पढ़ें- लखनऊ मर्डर: पहले पीटा, आंखों में मिर्च पाउडर झोंका, फिर सिर और सीने पर म...