नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना भारत में सदियों पुरानी परंपरा है। इसे समृद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन अब यह परंपरा तेजी से निवेश रणनीति में बदल रही है। भावनात्मक खरीदारी की जगह निवेशक अब रिटर्न, जोखिम और टैक्स को ध्यान में रखकर सोने में पैसा लगा रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है सोने का जबरदस्त प्रदर्शन। पिछले एक साल में ही सोने ने करीब 60 फीसदी का रिटर्न दिया है। 2025 की अक्षय तृतीया पर जहां सोना करीब Rs.99,500 प्रति 10 ग्राम था, वहीं 2026 में यह बढ़कर करीब Rs.1,57,800 तक पहुंच गया। यह भी पढ़ें- बीते साल सोने का आयात 24 प्रतिशत बढ़ा लंबी अवधि में भी सोना निवेशकों के लिए मजबूत साबित हुआ है। पिछले नौ वर्षों में सोने ने करीब 435% का रिटर्न दिया है, जिससे यह सबसे भरोस...