भागलपुर, सितम्बर 10 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। वर्तमान समय में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की आवश्यकता एवं संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मृदा में कार्बन एवं जैविक पदार्थ की कमी चिंता का विषय है। बेहतर पैदावार के लिए मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग करने की जरूरत है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि को बढ़ावा दिया जा सकता है। यह बातें बुधवार को बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने कही। बीएयू में जिला कृषि कार्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व, इसके लाभ...