बेगुसराय, फरवरी 27 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का इरशाद है कि जिस शख्स ने कुरान-ए-करीम को पढ़ा, उसे याद किया और फिर कुरान की रौशनी में हलाल व हराम की तमीज़ को जानकर अपनी ज़िन्दगी गुजारी, वैसे लोगों के लिए अल्लाह जल्लेशानहू का वादा है कि उसे जन्नत का हकदार बनाया जाएगा। इसके अलावा कुरान-ए-करीम को याद करने वाले लोगों के घर के दस आदमी जिन को जहन्नुम का अंदेशा हो, वैसे लोगों की शफाअत भी खुदा के हुक्म से कबूल की जाएगी। इसलिए जो लोग जहन्नुम से पनाह चाहते हैं, वह कुरान-ए-करीम की तिलावत करें। यह बात नुरूल्लाहपुर जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद मुजम्मिल साहब ने रमजानुलमुबारक के दूसरे जुमे के मौके पर अपनी नूरानी तकरीर के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसी भी मशीन को ढंग से ऑपरेट करने के लिए उस मशीन के सा...
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