नई दिल्ली, मई 5 -- West Bengal Assembly Parties Independents Representation: पश्चिम बंगाल चुनाव ने राज्य की विधानसभा में थोड़ा रंग भर दिया है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासनकाल में विधानसभा में राजनीतिक दलों और निर्दलीयों का दायरा लगातार सिमटता जा रहा था। 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत कुल 4 दल के ही विधायक जीतकर सदन पहुंच पाए थे। निर्दलीय साफ हो गए थे। इस बार भी नहीं जीत पाए हैं। ममता पहली बार 2011 में सत्ता में आई थीं, तब 294 विधायकों में 10 दल और निर्दलीय थे। सदन में तमाम राजनीतिक रंग था। इस चुनाव में भाजपा की जीत के साथ सदन में 6 पार्टियों के विधायक पहुंचे हैं। भले कांग्रेस और सीपीएम के गिनती भर एमएलए ही जीते हैं, लेकिन सदन में अब पार्टी की आवाज उठाने वाला कोई होगा। सरक...