संवाददाता, फरवरी 24 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरीबाजार के मदरसन विद्यालय के सहायक अध्यापक की खुदकुशी के प्रकरण में सोमवार को शासन और जिला स्तर पर गठित जांच कमेटी ने जांच की। वहीं डीएम दिव्या मित्तल खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी के दफ्तर पहुंची। वह यह जानकर दंग रह गईं कि शिक्षक के पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला आने के एक साल बाद तक बीएसए ऑफिस में इससे संबंधित पत्रावली ठंडे बस्ते में पड़ी रही। इस बात को लेकर वह बीएसए पर बिफर पड़ीं। उधर, सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के बाद डीएम द्वारा सीडीओ राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तर पर गठित जांच टीम ने भी बीएसए को दोषी माना है। इस टीम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, एडीआईओएस नीलेश पांडेय भी हैं। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सोमवार की देर शाम बीएसए को सस्पेँड कर...
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