प्रतापगढ़ - कुंडा, जुलाई 10 -- बेल्हा की मिट्टी ऊसर वाले गुणों से मिलती जुलती है। इसमें शीशम और कंजी के पौधे कम देखरेख के बावजूद अच्छी तरह विकास कर लेते हैं। इसे देखते हुए वन विभाग इस बार सबसे अधिक पौधे शीशम के रोप रहा है। इसके बाद अमरूद और कंजी के पौधों की संख्या रहेगी। तैयार होने में सरलता को देखते हुए वन विभाग की नर्सरियों में भी सबसे अधिक शीशम के ही पौधे तैयार किए गए हैं। इस बार जिले में 58 लाख 96 हजार 800 पौधे रोपे जाने का लक्ष्य मिला है। इसमें से अब तक सात लाख 73 हजार पौधे रोपे जा चुके हैं। यह भी पढ़ें- 12 जुलाई को बरेली में लगाए जाएंगे 12 लाख पौधे जबकि 51 लाख 23 हजार 800 पौधे 12 जुलाई को रोपे जाने हैं। 58 लाख 96 हजार 800 पौधों में से 27 लाख पौधे सिर्फ शीशम के रोपे जाऐंगे। इसके बाद 8 लाख पौधे अमरूद के रोपे जाएंगे। ऊसर की भूमि के अनुक...