आरा, अप्रैल 11 -- उदवंतनगर, संवाद सूत्र। बेलाउर स्थित राम जानकी मंदिर में शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन हुआ। अयोध्या से पधारे महामंडलेश्वर फलाहारी बाबा ने कथा का वाचन किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डाला। कथा के दौरान बाबा ने बताया कि श्रीमद्गवत महापुराण में पांच गीत पांच प्राण के समान हैं। ये वेणु गीत, प्रणय गीत, गोपी गीत, युगल गीत और भ्रमरगीत हैं। उन्होंने वेणु गीत की व्याख्या करते हुए बांसुरी के महत्व को समझाया। फलाहारी बाबा ने कहा कि बांसुरी भगवान कृष्ण को इसलिए प्रिय है, क्योंकि उसमें कोई गांठ नहीं होती, वह भीतर से खाली होती है और वह अपनी इच्छा से नहीं बोलती। जब कन्हैया चाहते हैं, तभी वह बोलती है और हमेशा मधुर ध्वनि उत्पन्न करती है। उन्होंने इसे मानव जीवन से जोड़ते हुए कहा कि हमें भी कड़वे वचन...
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