झांसी, अक्टूबर 3 -- झांसी। किसानों को फल मक्खी के प्रकोप से सावधान रहना होगा। इसके लिए प्रबंध करना होगा ताकि फलों को नुकसान न हो। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के कीट वैज्ञानिक डॉ. उषा एवं कीट विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बेर उत्पादक किसानों को फल मक्खी के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए समय रहते समेकित कीट प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है। वैज्ञानिकों ने बताया कि बेर में फल मक्खी एक प्रमुख फल-भेदी कीट है, इसके प्रकोप से फलों की गुणवत्ता, उत्पादन तथा बाजार मूल्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार फल मक्खी का प्रकोप बेर के फल मटर के दाने के बराबर होने की अवस्था से ही शुरू हो सकता है। वयस्क मादा फल मक्खी कोमल एवं पकते हुए फलों की त्वचा के नीचे अंडे देती है। अंडों से निकलने वाली सूंडियाँ फलों के भीतर...