किशनगंज, अप्रैल 14 -- किशनगंज। हिन्दुस्तान टीम किशनगंज जिले में पहले की तुलना मकई की खेती किसानों की पसंद बन रही है। जिस कारण जिले में मकई की खेती का रकवा प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। जिले के सभी 7 प्रखंडों में मकई की खेती हो रही है। वहीं दूसरी ओर खेती-किसानी में दिन-प्रतिदिन चुनौती बढ़ती जा रही है। जलवायु परिवर्तन के दौर में मौसम की अनिश्चितता बढ़ी है। बाढ़, सुखाड़, ओलावृष्टि से फसलों का नुकसान बढ़ता जा रहा है। दूसरी तरफ खाद-बीज के दाम बढ़े हैं। मौसम में बदलाव से पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है। मजदूरों की कमी से रोपनी, निकाई-गुड़ाई महंगी होती जा रही है। यह भी पढ़ें- बदलते मौसम के मिजाज ने मक्का उत्पादकों की बढ़ाई परेशानी किसानों के पास संसाधन का अभाव है। उन्हें किराए पर कृषि उपकरण लेकर खेती करनी पड़ रही है। कर्ज लेकर खाद-बीज खरीदना पड़ रहा है। उसके ...
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