नई दिल्ली, दिसम्बर 19 -- हर एक क्रिकेट फैन को 25 नवंबर 2013 याद है, क्योंकि ये दिन क्रिकेट के इतिहास का सबसे काला दिन था, क्योंकि उस दिन एक बाउंसर ने एक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर की जान ले ली थी। 12 साल के बाद ऐसे ही एक बाउंसर से इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स का भी सामना हुआ। लगभग उसी गति की गेंद उसी जगह पर जाकर लगी, जिस जगह पर 2013 में फिल ह्यूज को लगी थी। उस हादसे में फिलिप ह्यूज की जान चली गई थी, लेकिन बेन स्टोक्स को कुछ भी समस्या नहीं हुई। इसके पीछे एक कारण है, उसके बारे में समझ लीजिए। लगभग उसी तरह का बाउंसर, उसी गति से गेंद और उसी जगह लगी, लेकिन एक केस में एक खिलाड़ी की मौत हो गई और दूसरे केस में बल्लेबाज को कुछ नहीं हुआ? ऐसा कैसे हो सकता है। दरअसल, इसके पीछे हैं आईसीसी के नियम और नए स्टैंडर्ड वाला हेलमेट, जो सिर के पीछे थो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.