लखनऊ, मई 28 -- तपते मौसम में बिजली की उत्पादन इकाइयां ठप हो जा रही हैं। बिजली की कमी की वजह से अघोषित कटौती और रोस्टर जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। लोग बिजली की आवाजाही या घंटों कटौती से पसीने से तरबतर होकर जीने को मजबूर हैं। सोमवार रात को 2091 मेगावॉट क्षमता के पावर प्लांट बंद रहे। वहीं, सोमवार रात में भी 4302 मेगावॉट क्षमता की उत्पादन इकाइयां तकनीकी कारणों से ठप हो गई थीं। राज्य में इन दिनों गंभीर बिजली संकट चल रहा है। तपते मौसम में जब लोगों को बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हो रही है, तब ही उत्पादन इकाइयां ठप हो जा रही हैं। एकाएक इकाइयों के ठप होने से इनके रखरखाव में बरती गई लापरवाही के भी आरोप लग रहे हैं। सामान्यत: तापीय परियोजनाओं की उत्पादन इकाइयों की मरम्मत बरसात के बाद से शुरू हो जाती हैं ताकि ये गर्मियों में बेहतर क्षमता के साथ ब...