हापुड़, मई 1 -- समाज की रूढ़िवादी परंपराओं को धता बताते हुए धौलाना के लालपुर गांव में दो बेटियों ने वो फर्ज निभाया, जिसे देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। चार बेटों के रहते हुए भी जब मां के अंतिम समय में उन्होंने मुंह मोड़ लिया, तो बेटियों ने न केवल मां के पार्थिव शरीर को कंधा दिया, बल्कि श्मशान घाट ले जाकर मुखाग्नि भी दी।​ हापुड़ के धौलाना में थाना क्षेत्र के गांव लालपुर में सामाजिक परंपराओं को चुनौती देते हुए दो बेटियों ने अपनी मां का अंतिम संस्कार कर मिसाल पेश की। 85 वर्षीय हरनंदी देवी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 17 अप्रैल को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। वह नौ दिनों तक वेंटिलेटर पर रहीं, लेकिन बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। हरनंदी के पति भारतीय वायुसेना में थे, जिनका निधन 1987 में हो गया था। पति के जाने के बाद हरनंदी ने अके...