बेटे की मौत के बाद इंसाफ के लिए भटक रहे परिवारीजन
लखनऊ, जून 17 -- दुबग्गा स्थित निजी नर्सिंग होम की जांच में स्वास्थ्य विभाग कोताही बरत रहा है। मरीज की मौत के दो माह बीत गए। इसके बावजूद इलाज के दौरान बिना हॉस्पिटल का पंजीकरण न होने के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवारीजन इंसाफ के लिए भटक हैं। हरदोई निवासी सूरज (18) सड़क हादसे में घायल हो गया था। पिता महेश ने बताया कि बेटे को हरदोई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां से दलालों ने मरीज को दुबग्गा के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। आरोप है कि 13 अप्रैल को भर्ती करने के बाद अस्पताल ने स्वयं ऑपरेशन करने बजाय किसी दूसरे निजी अस्पताल में सर्जरी कराई। यह भी पढ़ें- बिना विशेषज्ञों के ऑपरेशन, अवैध अस्पतालों में बढ़ रहा मौत का खतरा ऑपरेशन के बाद मरीज को फिर से दुबग्गा के निजी अस्पताल में भेज दिया था। 15 अप्रैल की सुबह सूरज की म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.