रांची, फरवरी 24 -- Jharkhand Air Ambulance Crash: बेटे की तरह पाला, वो मेरी दुनिया था. झारखंड विमान हादसे में जान गंवाने वाले पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा को याद करते हुए उनके बड़े भाई की आवाज बार-बार भर आ रही थी। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद सचिन ही घर का सहारा था, परिवार की ताकत था और उनके जीवन की नींव था। कम उम्र में ही उसने परिवार की जिम्मेदारियां उठानी शुरू कर दी थीं। अब अचानक हुए इस हादसे ने न सिर्फ एक जिंदगी छीनी है, बल्कि पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी है। झारखंड एयर एंबुलेंस हादसे ने कई परिवारों को तोड़ कर रख दिया है। जिन सात लोगों ने एक जिंदगी बचाने के उद्देश्य से विमान में सवार होकर उड़ान भरी थी, उनकी अचानक मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात बीचक्राफ्ट C90 विमान रांची से दिल्ली एक गंभीर रूप से...