लखनऊ, मार्च 23 -- लखनऊ। लखनऊ लिट्रेरी क्लब की ओर से लेखिका डॉ करुणा पाण्डेय के उपन्यास एक बच्चे की डायरी का विमोचन एवं मंचन अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान प्रेक्षागृह में किया गया।   नाटक का निर्देशन ज्ञानेश्वर मिश्र ज्ञानी ने किया। कहानी एक संवेदनशील बच्चे समीर की है। जो अकेलेपन और दबाव से घबराकर आत्महत्या का प्रयास करता है। समीर के मम्मी-पापा बहुत अच्छी नौकरी में थे। पैसों और आधुनिकता की चकाचौंध में डूबी राज (समीर की मां ) अपने बेटे के बचपन की कोमल भावनाओं को नहीं समझ पाती हैं और   उसको आधुनिकता की चकाचौंध और हाई-फाई सोसायटी के अनुसार बनने के लिए दबाव डालती है। समीर को यह सब अच्छा नहीं लगता। एक दोस्त की सलाह पर वह डायरी लिखने लगता है। जब समीर की डायरी उसकी मां को मिलती है तो वह अपनी मित्र रेखा के साथ यह डायरी शेयर करती है। डायरी पढ़कर ...