फर्रुखाबाद कन्नौज, जुलाई 1 -- फर्रुखाबाद। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का प्रभावी और कड़ाई से पालन ही कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।भ्रूण के लिंग की जांच कराना या उसकी जानकारी देना पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसा करने वाले व्यक्ति अथवा संस्थान के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी । बेटी परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। प्रत्येक बेटी को जन्म लेने, शिक्षा प्राप्त करने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का समान अधिकार है। कन्या भ्रूण हत्या न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए कानून के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक सोच भी आवश्यक है। जनपद में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों तथा पीसी...