सूरत, अप्रैल 17 -- गुजरात के सूरत जहर कांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शालिग्राम स्टेट्स सोसायटी में जहरीले लड्डू खिलाखर गोवर्धनभाई डोंडा के परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाली कोई और नहीं बल्कि उनकी पड़ोसन उषाबेन महेंद्रभाई नकराणी ही थीं। उषा ने खुद अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया है कि उसने ही 10 अप्रैल को बूंदी के लड्डुओं में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर उन्हें गोवर्धनभाई डोंडा के घर के आगे छोड़ दिया था जिसे गोवर्धनभाई डोंडा और उनके परिवार ने प्रसाद समझकर खा लिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना करीब 3 बजे की है। गोवर्धनभाई घर लौटे, तो उन्हें दरवाजे पर लड्डुओं का एक बैग टंगा मिला। इसे भगवान का प्रसाद समझकर वे घर के अंदर ले आए, जिसके बाद उन्होंने और उनकी बहू किरण ने उन लड्डुओं का सेवन कि...