लखनऊ, अप्रैल 22 -- डॉक्टर बेटी की सतर्कता से डिजिटल अरेस्ट पंचायती राज विभाग के रिटायर अधिकारी के 60 लाख डूबने से बच गए। सप्ताह भर से पिता के हावभाव में परिवर्तन देख बेटी ने साइबर क्राइम सेल से मदद मांगी। काउंसलिंग से बुजुर्ग साइबर ठगी से बच गए। बुधवार को पिता-पुत्री ने साइबर क्राइम सेल टीम का शुक्रिया अदा किया। सीतापुर रोड स्थित शालीमार कोर्टयार्ड निवासी 86 वर्षीय हामिद मुस्तफा पंचायती राज विभाग के रिटायर अधिकारी हैं। बेटी डॉक्टर हुमा ने बताया कि करीब सात-आठ दिन से पिता के व्यवहार में बदलाव था। वे अपना मोबाइल व लैपटॉप किसी को नहीं दे रहे थे। यह भी पढ़ें- लखनऊ में अब महिला डॉक्टर के साथ कांड, एनआईए चीफ बनकर 1.5 करोड़ करा लिए ट्रांसफर यही नहीं खाते-पीते भी नहीं थे। वह मोबाइल साथ में ही रखते थे। कुछ पूछने पर जवाब नहीं देते थे। शक होने पर हु...
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