नई दिल्ली, मई 2 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा काट रहे एक शख्स को बेटी के स्कूल में दाखिले के लिए पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस दौरान कोर्ट ने जेल प्रशासन की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें केस के सह-दोषी के पहले से पैरोल पर होने के चलते दोषी को छोड़ने में असमर्थता जताई गई थी। इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ इसलिए कि कोई सह-दोषी पहले से ही पैरोल पर है, यह किसी दूसरे दोषी को फरलो देने से मना करने का आधार नहीं हो सकता। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने यह आदेश उम्रकैद की काट रहे दोषी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। यह भी पढ़ें- बिना कारण बताए गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट सख्त, यूपी सरकार पर लगाया 10 लाख का जुर्माना दोषी की दो सप्ताह की फरलो मंजूर की गई, लेकिन जेल अधिकारियों ने उसे इस आधार पर रिहा नही...