शामली, अप्रैल 29 -- थानाभवन। थानाभवन नगर के बाजार चौक में स्थित अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित सुंदरकांड में प्रवचन करते हुए कथावाचक राज राजेश्वर महाराज ने कहा बेटी को ईश्वर का आशीर्वाद, लक्ष्मी का रूप और परिवार की ऊर्जा माना जाता है। वे स्नेह, करुणा और संस्कारों की मूरत होती हैं, जो घर में सकारात्मकता लाती हैं। हिंदू धर्म में उन्हें शक्ति का प्रतीक और मोक्ष का द्वार माना जाता है, जो निस्वार्थ प्रेम और मार्गदर्शन से परिवार को जोड़कर रखती हैं। महाराज ने कहा कि श्री राम ने हनुमान से पूछा आपने लंका कैसे जलाई इस पर हनुमान जी ने अति सुन्दर उत्तर दिया प्रभु लंका तो रावण के पाप,सीता के संताप,ब्राह्मणों के श्राप,,आपके प्रताप,ओर मेरे बाप पवन के द्वारा जली। इसमें मेरा कोई श्रेय नहीं। लंका दहन का आध्यात्मिक महत्व अहंकार, अज्ञान और भौतिक सुख-सुविधाओं स्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.