सहारनपुर, जून 5 -- नागल। आर्य समाज बढ़ेड़ी नागल में चल रहे आर्य वीरांगना शिविर के पांचवें दिन बेटियों को सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने और आत्मरक्षा के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक यज्ञ से हुई, जिसके बाद आचार्य कर्मवीर ने वैदिक संस्कारों और उनके वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्कार व्यक्ति के जीवन को अनुशासित और श्रेष्ठ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. आयुषी राणा भारती ने वीरांगनाओं को रानी लक्ष्मीबाई, दुर्गावती और पद्मिनी जैसी ऐतिहासिक महिलाओं के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि बेटियों को किसी भी प्रकार के बहकावे, धोखे और सामाजिक षड्यंत्रों से सावधान रहना चाहिए तथा अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। शिविर में सविता, रीता...