वाराणसी, अप्रैल 3 -- वाराणसी। धन, विद्या और शक्ति तीनों ही मातृशक्ति के नियंत्रण में है। धन की देवी लक्ष्मी, विद्या की सरस्वती और शक्ति की देवी मां दुर्गा हैं। बावजूद इसके लोग गर्भ में कन्या भ्रूण की हत्या करने से नहीं चूकते। यह कुकृत्य करने के बाद भी वे नवरात्र में बड़े गर्व के साथ कन्या पूजन करते हैं। बेटियां ही शक्ति स्वरूपा हैं उन्हें गर्भ में न मारे। ये बातें साध्वी गीताम्बा तीर्थ ने कहीं। वह डाफी स्थित आशीर्वाद वाटिका में हो रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के पांचवें दिन प्रवचन कर रही थीं। उन्होंने कहा कि परिवार में कन्या जन्म लेना अभिशाप नहीं है। कन्या तो घर की लक्ष्मी है। जिस घर में कन्या है उस घर में धन, शक्ति और विद्या तीनों हमेशा रहती है। लोग शायद यह नहीं जानते कि कन्या के जन्म से न सिर्फ मां की कोख पवित्र होती है बल्कि वह पूरा का प...