बांदा, जून 27 -- अतर्रा। कस्बा निवासी भरत गुप्ता बेजुबान जानवरों के लिए भरत का प्यार साल दर साल बढ़ता जा रहा है।वह अपने व व्यापार की व्यस्त जिंदगी से रोजाना बेजुबान जानवरों के लिए सुबह-शाम टाइम निकाल ही लेते हैं। इस दौरान वे अतर्रा के बेजुबानों के खाने और पीने के लिए भोजन और पानी का इंतजाम अपनी जेब से करते हैं। उनका कहना है कि इंसान अपनी समस्या को बोलकर बता सकते हैं, लेकिन जानवर अपनी समस्या तो बता भी नहीं सकते हैं. वे अपनी भूख और तकलीफ किसी से बयां नहीं कर सकते, ऐसे में जो लोग सक्षम हैं, उन्हें इनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। यह भी पढ़ें- हीट वेव (लू) एवं अत्यधिक गर्मी से पशु-पक्षियों के बचाव को जारी की एडवाइजरी बताया कि सेवा का मतलब सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होना है, बल्कि हर जीव के प्रति करुणा और जिम्मेदारी होनी चाहिए. ताकि जानवर भी दी...