बेईमान बेटी से लड़ते-लड़ते मर गया पिता, कम पढ़े लिखे होने का फायदा उठाकर किया ये काम
नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- पांच बेटियों के पालन-पोषण से लेकर उनके विवाह तक की हर जिम्मेदारी निभाने वाला पिता 83 साल की उम्र में अपनी ही एक बेटी के हाथों धोखाधड़ी का शिकार हुआ। इस अन्याय के खिलाफ उन्होंनेे कानूनी लड़ाई लड़ी और जीती भी मगर पूरा न्याय मौत के बाद मिल पाया। दिल्ली के रहने वाले रामसरूप ने 2006 में पांचों बेटियों को संपति में हिस्सा देने के लिए वसीयत बनवाने का निर्णय किया। उन्होंने सबसे छोटी बेटी पर भरोसा कर उसे इस काम में मदद के लिए कहा। बेटी ने पिता के कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाया और वसीयत की बजाय अपने नाम अंग्रेजी में लिखी सेल डीड बनवाकर पिता से हस्ताक्षर करवा लिए। उसी साल देखभाल के नाम पर पिता के पास आकर रहने लगी। रामसरूप ने कई बार वसीयत के कागजात मांगे मगर बेटी टालमटोल करती रही। 2013 में पिता ने दूसरी बेटियों के माध्यम से...
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