बृज लोकगीतों की मधुर प्रस्तुति ने बांधा समां, दर्शक मंत्रमुग्ध
मेरठ, मई 18 -- नौचंदी मेला स्थित पटेल मंडप में रविवार को बृज लोकगीत संध्या का आयोजन किया गया। शुभारंभ जिला पंचायत अधिकारी और मेला समिति के सदस्यों द्वारा किया गया। संस्कृति विभाग लखनऊ के लोकगीत गायक महावीर चाहर ने प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बांके बिहारी की बांकी मरोर, चित लीन्हों है चोर, तेरी मुरली पै जाऊं बलिहार रसिया, मैं तौ नाचूंगी बीच बजार रसिया जैसे बृज लोकगीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही ऊधौ चले वृंदावन धाम, बृज की गोपीन कूं समझाइबे, कह दीजो ऊधौ थोरी सी बात हमारी, कठिन प्रीति कुबिजा सों करि कें वहीं जाय बसे मुरारी और सब बिगड़े काम बन जाते हैं जब कृपा राम की होती है जैसे भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। यह भी पढ़ें- कालिया दमन लीला का मनोहरी मंचन तेरो हुस्न चमन गुलजार लुटेगौ करियो रखवार...
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