बृज भूषण ने लिखा, जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है
लखनऊ, मई 10 -- योगी कैबिनेट के दूसरे विस्तार के बीच रविवार को पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया पोस्ट राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहा। उन्होंने बिना किसी संदर्भ के प्रख्यात शायर बशीर बद्र का एक शेर लिखा है,शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख़ (डाल) पे बैठे हो वो टूट भी सकती है।भले ही बृजभूषण ने इस शेर को लिखने के मायने सोशल मीडिया पर साझा न किए हों, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे मंत्रिमंडल विस्तार से ही जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकार कयास लगा रहे हैं कि इस विस्तार में बृजभूषण अपने बड़े बेटे, गोंडा सदर सीट से विधायक प्रतीक भूषण के लिए भी जगह देख रहे थे। यह भी पढ़ें- यूपी चुनाव से चंद महीने पहले योगी कैबिनेट विस्तार के मायने? BJP पहले भी कर चुकी है ऐसा; क्या है रणनीति हालांकि, ...
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