नई दिल्ली, जुलाई 21 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जजों की खंडपीठ ने हमीरपुर जिले में बुलडोजर कार्रवाई और पाक्सो एक्ट के बहुचर्चित मामले में मतभिन्नता के कारण मामले पर सुनवाई को तीसरे जज के लिए रेफर कर दिया है। यह मतभिन्नता फैमुद्दीन एवं अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ के आदेश में आई, जिसमें संपत्ति सील करने और ध्वस्तीकरण की आशंका को लेकर संवैधानिक संरक्षण मांगा गया था। दोनों न्यायाधीशों के बीच दो अहम कानूनी बिंदुओं पर मतभिन्नता (1) अनुच्छेद 226 के तहत दो साल की सामान्य रोक लगाई जा सकती है या नहीं और (2) नगरीय कानून के तहत कार्रवाई से एक साल पहले नोटिस ऑफ इंटेंट देना अनिवार्य किया जा सकता है या नहीं, के कारण यह मामला मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जाएगा, जो इसे किसी तीसरे न्यायाधीश या पीठ को सौ...