भागलपुर, अप्रैल 9 -- भागलपुर। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता को मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत कक्षा चार, पांच व छह के कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार कक्षा तीन तक सभी बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी दक्षता विकसित करना अनिवार्य है, लेकिन कई बच्चे अब भी इस लक्ष्य से पीछे हैं। ऐसे में कक्षा चार से छह तक के कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उन्हें विशेष शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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