बुनियादी तकनीकी सीखकर नवजात को बचाया जा सकता है : प्रो. पांडेय
प्रयागराज, मई 12 -- मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग की ओर से मंगलवार को नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था, जिसे नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) की अगुवाई में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की प्रयागराज शाखा के सहयोग से किया गया। प्राचार्य प्रो. वीके पांडेय ने कहा कि नवजात शिशुओं को समय पर सही तरीके से पुनर्जीवन देने की बुनियादी तकनीक सीखकर बड़ी संख्या में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। प्राचार्य ने कहा कि इससे प्रसवकालीन श्वासवरोध के कारण होने वाली जटिलताओं व नवजात मृत्यु दर में भी कमी लाई जा सकती है। यह भी पढ़ें- नवजातों की जिंदगी बचाने के मिशन में जुटा एनएफआर केंद्रीय अस्पताल डॉक्टरों को नवजात शिशुओं को जन्म के समय सांस न आने या गंभीर परि...
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