नई दिल्ली, जून 26 -- Budh Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और गणना का कारक माना जाता है। जब बुध वक्री होते हैं तो उनकी चाल सामान्य नहीं रहती। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दौरान बुध से जुड़े क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। बातचीत में गलतफहमी, फैसले लेने में भ्रम, व्यापार में देरी और स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालांकि कुछ राशियों के लिए यह समय राहत और लाभ भी लेकर आ सकता है। पंडित नरेन्द्र उपाध्याय का कहना है कि किसी भी ग्रह के वक्री होने का मतलब यह नहीं होता कि वह पीछे की ओर चलने लगता है। पृथ्वी से देखने पर उसकी चाल उल्टी दिखाई देती है। इसी वजह से उस ग्रह के प्रभाव में बदलाव महसूस होता है। बुध के मामले में इसका असर सबसे ज्यादा शिक्षा, कारोबार, नौकरी, संचार, त्...