बुध प्रदोष व्रत की ये है सबसे पौराणिक कथा, पढ़ें
नई दिल्ली, सितम्बर 22 -- Budh Pradosh Vrat Katha in Hindi: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर बुध प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। बुध प्रदोष व्रत 23 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। मान्यता है कि प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के साथ ही व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। कहा जाता है कि बिना व्रत कथा के प्रदोष व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। यहां पढ़ें बुध प्रदोष व्रत की कथा: यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष के 16 दिन क्या नहीं खरीदना चाहिए? पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में एक पुरुष की नई-नई शादी हुई थी। वह गौने के दूसरी बार पत्नी को लाने के लिए ससुराल पहुंचा और सास...
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