गाजीपुर, मई 1 -- सिधागरघाट। स्थानीय बौद्ध मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। भगवान बुद्ध के जीवनी से संकल्प लेते हुए वक्ताओं ने कहा कि 29 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना राजमहल छोड़ दिया और कठोर तपस्या की। कई वर्षों के प्रयास के बाद उन्हें बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई। इसके बाद वे 'बुद्ध' कहलाए, जिसका अर्थ है "जागृत व्यक्ति"। भगवान बुद्ध ने संसार को मध्यम मार्ग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग की शिक्षा दी, जो जीवन को सही दिशा दिखाते हैं। उनके उपदेशों में अहिंसा, करुणा, सत्य और प्रेम का विशेष महत्व है। यह भी पढ़ें- भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए इस अवसर पर इंजीनियर श्याम नारायण कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, सुदामा कुशवाहा बद्री कुशवाहा, जियारत हुसैन, राजेश कुशवाहा, ...