कुशीनगर, जुलाई 2 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। महात्मा गौतम बुद्ध के महापरिनिर्वाण से पूर्व की अंतिम यात्रा से जुड़ा ऐतिहासिक बुद्ध गमन मार्ग आज भी समुचित विकास की प्रतीक्षा कर रहा है। चार वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम एस. राजलिंगम ने जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और बुद्ध से जुड़े इतिहासकारों के साथ पूरे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर इसके संरक्षण एवं पर्यटन विकास की पहल शुरू कराई थी।

महत्वपूर्ण स्थलों का संरक्षण इस दौरान बुद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थलों को चिह्नित कर उनके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास की योजना बनाई गई। हालांकि, कुछ स्थलों का सीमांकन, चहारदीवारी और प्रतिमा स्थापना जैसे कार्य हुए, लेकिन बुद्ध गमन मार्ग का समग्र विकास अब तक पूरा नहीं हो सका है।

महात्मा बुद्ध की अंतिम यात्रा इतिहासकारों और बौद्ध ग...