पटना, मार्च 14 -- भगवान बुद्ध के अंतिम उपदेश 'अप्प दीपो भव' (अपना दीपक स्वयं बनो) की प्रासंगिकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार संग्रहालय में शनिवार को बोधगया वैश्विक संवाद-2026 के आठवें संस्करण का शुभारंभ हुआ। देशकाल सोसाइटी द्वारा बिहार संग्रहालय के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय संवाद में बौद्ध विरासत, संस्कृति और सतत विकास पर गहन चर्चा की गई। अध्यक्षता कर रहे भारत सरकार के पूर्व विदेश सचिव प्रो. श्याम शरण ने कहा कि बौद्ध धर्म समावेशी विकास की परिकल्पना पर आधारित है। बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर बुद्ध से जुड़े चार हजार दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है।देशकाल सोसाइटी के संस्थापक संजय कुमार ने बताया कि इस संवाद का उद्देश्य बौद्ध दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता को समझना है। उन्होंने घोषणा की कि अगला नौवा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.