प्रयागराज, अप्रैल 16 -- राजरूपपुर में किराए के मकान में रह रहे 73 वर्षीय अशोक चटर्जी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुजुर्ग ने जान क्यों दी, यह ज्ञात नहीं हो सका। पुलिस के मुताबिक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अशोक चटर्जी हिंडाल्को कंपनी से सेवानिवृत्त होने के बाद शहर के राजरूपपुर में किराये के मकान में रहकर सिविल लाइंस स्थित एक संस्थान में काम करते थे। कुछ समय से वह घर पर ही रह रहे थे। उनकी दो संतानों में बेटा देवाशीष उत्तराखंड के रुद्रपुर में रहकर जॉब करता है। इकलौती बेटी रिंकी अपने पति के साथ नैनी में रहती है। गुरुवार सुबह मकान मालिक अशोक के पास गए तो दरवाजे पर पर्दा लटका था। यह भी पढ़ें- ननद बोली- जाओ मर जाओ... इतना सुनते ही विवाहिता ने वीडियो कॉल पर लगा ली फांसी वे अंदर घुसे तो वहां का दृश्य देख दंग रह गए। अशोक का शव फंदे पर लटका था।...
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