बुजुर्गों के लिए एकाकी जीवन बन रहा बोझ, बमुश्किल कट रहा दिन
गढ़वा, अगस्त 21 -- गढ़वा, हिटी। वरिष्ठ नागरिकों का एकाकीपन एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन गया है। उसका मुख्य कारण संयुक्त परिवारों के टूटने और युवाओं के प्रवास है। भारत में एनएफएचएस रिपोर्ट के मुताबिक 57% परिवार अब एकल हो चुके हैं। उससे बुजुर्गों को अक्सर अकेले रहना पड़ता है। कमोबेश यही स्थिति जिलांतर्गत बुजुर्गों का भी है। एकाकी जीवन उनके लिए बोझ की तरह लगने लगा है। बुजुर्ग बताते हैं क दिन काटना मुश्किल हो जाता है। यह भी पढ़ें- अकेले घर में कटती उम्र, मोबाइल में सिमटती दुनियाएकाकीपन के कारण आमतौर पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, अकेलापन अवसाद, अल्जाइमर और अन्य मानसिक बीमारियों का प्रमुख कारण है। कई बुजुर्ग अंततः मृत्यु के डर और परित्यक्त होने के भाव से ग्रसित हो जाते हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि मोबाइल और इंटरनेट ने दूरियों को कम तो किया है, लेकि...
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