गुड़गांव, फरवरी 16 -- गुरुग्राम। ओल्ड ज्यूडिशियल कॉम्पलेक्स में चल रही शिवमहापुराण कथा के पांचवें दिन सोमवार को कथावाचक कौशिक महाराज ने कहा कि बेशक कितने ही मंदिर बनवा लो, अस्पताल बनवा लो। जब तक घर में बुजुर्गों का सम्मान नहीं होगा तो खुशियां और शांति नहीं मिलेगी। घर में बुजुर्गों से बड़ा कोई भगवान नहीं है। बुढ़ापे में बच्चे माता-पिता को दूर न करें और न खुद उनसे दूर हों। बुजुर्गों पर ध्यान नहीं दिया जाता, उनकी संभाल नहीं की जाती तो सब साधन व्यर्थ हैं। महाराज ने सोमवार को यहां ओल्ड जेल कॉम्पलेक्स में श्री शिवमहापुराण कथा व गोमहोत्सव के पांचवें दिन प्रवचनों में परिवार को जोड़कर रखने के साथ प्राकृतिक चीजों के इस्तेमाल का संदेश दिया। कौशिक ने कहा कि एक पिता जीवनभर मेहनत करके बूढ़ा हो जाता है। एक मां बच्चे के लिए अपना सौंदर्य खो देती है। जब औल...
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