मैनपुरी, मार्च 30 -- युद्ध का असर कहें या फिर आपदा में अवसर। कल से नए शैक्षिक कलेंडर की शुरुआत हो रही है। शिक्षा माफिया एक्टिव हो गए हैं। अभिभावकों की जेब काटने का पूरा इंतजाम कर लिया गया है। शैक्षिक वस्तुओं पर युद्ध की आड़ में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। प्लास्टिक से जुड़े उत्पादों के दामों में तो 30 से 40 प्रतिशत का इजाफा कर दिया गया है। नई कक्षाओं के लिए होने वाली खरीदारी के लिए जा रहे अभिभावकों को दामों का करंट लग रहा है। बच्चे कॉपी-किताब, स्टेशनरी, स्कूल बैग की डिमांड कर रहे हैं और अभिभावक सोच रहे हैं कि युद्ध जनित महंगाई कम हो जाए तो खरीदारी शुरू कर दें। जहां तक शैक्षिक कलेंडर का सवाल है तो एक अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी। ज्यादातर स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत के साथ ही पढ़ाई शुरू हो जाती है, जो 20 मई तक चलती...
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