विशाखापट्टनम, जून 20 -- विशाखापट्टनम के एक उपभोक्ता आयोग ने जीवन बीमा से जुड़े एक मामले में बेहद अहम फैसला सुनाया है। एक महिला की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के महज 5 दिन बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जब पति ने डेथ क्लेम के लिए आवेदन किया, तो बीमा कंपनी ने गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए क्लेम खारिज कर दिया। अब उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के इस रवैये को 'सेवा में कमी' मानते हुए 50 लाख रुपये का भुगतान करने का सख्त आदेश दिया है।क्या है पूरा मामला? विशाखापट्टनम के रहने वाले 53 वर्षीय सवारा भास्कर की पत्नी सवारा राधा ने 10 मार्च 2025 को 'HDFC लाइफ स्मार्ट प्रोटेक्ट प्लान' खरीदा था। इस पॉलिसी के लिए उन्होंने 50,000 रुपये का सालाना प्रीमियम चुकाया था। इस पॉलिसी के तहत 50 लाख रुपये का रिस्क कवर मिलना था। पॉलिसी शुरू होने के ठीक 5 दिन बाद, यानी...