नई दिल्ली, जुलाई 2 -- अरुण चट्ठा नई दिल्ली। अचानक से होने वाली बीमारी या फिर कोई दुर्घटना होने पर नगदरहित इलाज का दावा कर बेची जा रही बीमा पॉलिसी मरीजों के किसी काम नहीं आ रही हैं। बीमा कंपनी की सूची में पैनल पर मौजूद अस्पताल बीमा कंपनी से खर्च की मंजूरी लिए बिना मरीज को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं। कारण, आपात स्थिति में भर्ती हुए मरीजों का इलाज खर्च भी बीमा कंपनी देने को तैयार नहीं है। यह भी पढ़ें- 6 दिन पहले ही आई है EPFO की नई स्कीम, करीब 7 करोड़ लोगों पर डालेगी असरबीमा दावों के खिलाफ शिकायतें सूत्रों का कहना है कि मौजूदा समय में बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी इरडा के पास स्वास्थ्य बीमा दावे खारिज किए जाने और महीनों तक इलाज खर्च के दावों को लटकाए रखने से जुड़ी शिकायतों की सबसे ज्यादा भरमार है। बीमा कंपनियां को लेकर ऐसी भी शिकाय...