बिहारशरीफ, मार्च 7 -- कुष्ठ निवारण अभियान को लेकर कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण फोटो: ट्रेनिंग: जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में कर्मी। बिहारशरीफ, निज प्रतिनिधि। कुष्ठ की बीमारी कीटाणु से होता है। इसका पूर्ण ईलाज संभव है। चमड़े पर किसी प्रकार का दाग-धब्बा जिसमें दर्द या खुजली नहीं होती है। जन्म से कुष्ठ नहीं है तो एक बीमारी का प्रारंभ्भिक लक्षण है। यह बातें जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय में प्रशिक्षण के दौरान नन मेडिकल कर्मी अनुज कुमार ने कहीं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को छिपाये नहीं। समय पर जांच कर ईलाज कराये। ईलाज से बीमारी पुरी तरह ठीक हो जाता है। शनिवार को जिला कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन कर मिशन से जुड़े कर्मियों का प्रशिक्षण दिया गया। आदेश दिया गया कि रोगियों की पहचान के लिए अभियान में जुटे रहें। इस मौके पर डीए...
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