हमीरपुर, अप्रैल 9 -- हमीरपुर, संवाददाता। गुर्दे की पथरी हो या फिर बच्चेदानी में गांठ की समस्या, होम्योपैथी पद्धति से नियमित उपचार कराने वाले मरीजों को इससे फायदा हुआ है। आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि साल दर साल होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति मरीजों का विश्वास बढ़ रहा है। हर साल नए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। नियमित इलाज से गुर्दे की पथरी से मिला आराममौदहा कस्बा निवासी 32 वर्षीय गृहणी रागिनी ने बताया कि उनके गुर्दे में पथरी थी। जब भी दर्द उठता तो बेहाल हो जाती थीं। इसके बाद उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को अपनाया। नियमित उपचार से फायदा हुआ। अब पहले जैसा दर्द नहीं उठता। वरना उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई थी। लेकिन गुर्दे का ऑपरेशन कराने में वो हिचक रही थी।बच्चेदानी की गांठ से मिली मुक्तिशहर निवासी एक महिला ने बताया कि...
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