मुजफ्फरपुर, फरवरी 3 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। कॉलेजों में चल रही बीसीए-बीबीए की लैब में स्मार्ट बोर्ड नहीं है। स्मार्ट बोर्ड नहीं रहने से छात्रों को प्रजेंटेशन में परेशानी होती है। छात्रों को प्रजेंटेशन के लिए 50 नंबर मिलते हैं। स्मार्ट बोर्ड नहीं होने से छात्र प्रजेंटेशन का सिर्फ कोरम पूरा करते हैं। कई छात्र उधार के लैपटॉप लेकर अपना प्रजेंटेशन करते हैं। कई कॉलेजों में छात्रों के प्रजेंटेशन के लिए कंप्यूटर और लैपटॉप नहीं है। कई कॉलेजों में बीसीए लैब भी नहीं है। बीसीए और बीबीए चलाने के लिए ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी नहीं है। बीसीए और बीबीए की फीस 50 हजार तक है। नामांकन के समय छात्रों को 15 हजार रुपये देने पड़ते हैं। इसके बाद छह सेमेस्टर तक साढ़े सात हजार रुपये फीस देनी पड़ती है। बीआरएबीयू के सीसीडीसी प्रो. तरुण कुमार डे ने बताया कि इस...