बरेली, मार्च 12 -- बरेली कॉलेज के पूर्व छात्रनेता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट विनोद जोशी द्वारा मांगी गयी जनसूचना पर झूठी सूचना देकर एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर देना बीडीए अफसरों को महंगा पड़ गया। सीजेएम सुरेश कुमार दुबे की कोर्ट ने बीडीए उपाध्यक्ष मणि नन्दन, सयुंक्त सचिव दीपक वर्मा, अधिशासी अभियंता अनिल कुमार और अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ जांच के निर्देश मंडलायुक्त बरेली मंडल को दिये हैं। कोर्ट ने मंडलायुक्त को 20 मार्च 2026 तक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। विनोद जोशी ने अपने अधिवक्ता लवलेश पाठक के द्वारा बीडीए उपाध्यक्ष मणि नंदन, सयुंक्त सचिव दीपक वर्मा व अधिशासी अभियंता एवं जनसूचना अधिकारी अनिल कुमार और अज्ञात वर्दीधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी। विनोद जोशी का आरोप था कि उन्होंने जनसूचना अधिकार ...