दिल्ली, मई 15 -- पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही लोकतंत्र और सामाजिक ताने-बाने की तस्वीर भी बदलती दिखने लगी है.हाल में जीते एक बीजेपी विधायक रितेश तिवारी ने कहा है कि वो पांच साल मुसलमानों का कोई काम नहीं करेंगे.पश्चिम बंगाल अपने सामाजिक सद्भाव के लिए मशहूर रहा है.यहां सरकार भले बदलती रही, हिंदू और मुसलमानों के बीच आपसी भाईचारा जस का तस रहा.यहां कभी इन दोनों धर्मों के लोगों के बीच सामाजिक खाई या दंगे भी नहीं हुए हैं.करीब बारह साल पहले राज्य में बीजेपी के मजबूती से उभरने के बाद से ही धर्म के आधार पर सामाजिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण की कवायद शुरू हुई थी.अब हाल के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत के साथ जीत कर बीजेपी के सत्ता में आने के बाद धार्मिक खाई और चौड़ी होती दिखने लगी है.सत्ता संभालने के एक सप्ताह के भीतर सरकार ने तमाम अवैध निर्माण पर बुलड...