लखनऊ, नवम्बर 24 -- बीकेटी में शुरू हुए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) पर फिटनेस टेस्ट के लिए स्लॉट की संख्या में भारी कटौती के कारण वाहन स्वामियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नए एटीएस में प्रतिदिन मात्र 60 गाड़ियों की ही फिटनेस हो सकती है, जबकि पहले ट्रांसपोर्टनगर के इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर (आई एंड सी) में यह स्लॉट 120 का था। स्लॉट आधे रह जाने से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस समय पर नहीं हो पा रही है, जिसके चलते वाहन स्वामियों को लेट फीस के रूप में जुर्माना भरना पड़ रहा है और उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। आठ साल से पुरानी कमर्शियल गाड़ियों को हर साल फिटनेस टेस्ट कराना अनिवार्य होता है। ये गाड़ियां दवाएं, खानपान सामग्री, सब्जियां और आपातकालीन सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों की आपूर्ति करती हैं। फिटनेस के अभाव में इनका सड़...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.